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सानिया मिर्जा ने आखिरी टूर्नामेंट से पहले सुनाई करियर की दास्तां, कहा- कभी हारने का डर नहीं रहा

सानिया मिर्जा ने आखिरी टूर्नामेंट से पहले सुनाई करियर की दास्तां, कहा- कभी हारने का डर नहीं रहा
SportsTak - Tue, 21 Feb 06:10 PM

टेनिस सानिया मिर्जा के जीवन का अहम पहलू है और रहेगा लेकिन इस दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि खेल को ही सब कुछ नहीं मानने से उन्हें हर बार कोर्ट पर कदम रखते हुए आक्रामक खेल दिखाने की आजादी मिली. खेल को अलविदा कहने जा रहीं सानिया ने कहा कि उनके दिल में हार का कभी डर नहीं था क्योंकि इससे खिलाड़ी रक्षात्मक हो जाता है. सानिया ने अपने युग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल तत्कालीन अमेरिकी ओपन चैंपियन स्वेतलाना कुज्नेत्सोवा, स्विस दिग्गज मार्टिना हिंगिस, नादिया पेत्रोवा और फ्लाविया पेनेटा के खिलाफ जीत हासिल की. हालांकि वह एकल मुकाबलों में दिग्गज खिलाड़ियों सेरेना विलियम्स और वीनस विलियम्स से हारी लेकिन अमेरिकी बहनों को कड़ी चुनौती पेश की.

 

सानिया ने ‘पीटीआई’ का दिए इंटरव्यू में कहा, ‘जिस चीज ने मुझे इतना आक्रामक बनाया और वह मानसिकता असल में हारने का डर नहीं होना था. मेरे लिए टेनिस हमेशा से मेरे जीवन का एक बहुत, बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है लेकिन यह मेरा पूरा जीवन नहीं है. और यही वह मानसिकता है जिसके साथ मैं उतरी थी. सबसे बुरा यह हो सकता है कि आप एक टेनिस मैच हार सकते हैं और फिर वापस आकर पुनः प्रयास कर सकते हैं. तो हारने का डर नहीं था. और मुझे लगता है कि बहुत से लोग रक्षात्मक हो जाते हैं क्योंकि उन्हें हारने का डर होता है. लंबे समय में यह एक शीर्ष खिलाड़ी बनने के लिए काम नहीं करता है.’

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